वरिष्ठ संवाददाता
अमित सिंह बिष्ट
राजधानी/ लखनऊ
*नवरात्र के अवसर पर 19 को सपना गोयल द्वारा 150 कन्याओं का पूजन*
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*हवन-कीर्तन-भंडारे के साथ ही सत्संग में दिया जाएगा नवरात्र से नवप्रभात का संदेश*
*लखनऊ।* सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में नवरात्र के पावन अवसर पर नवमी के दिन सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्र का विशेष सत्संग और कन्या पूजन का महा अनुष्ठान किया जाएगा। यह अनुष्ठान दो चरणों में होगा। पहले चरण में देवा रोड स्थित प्रतिष्ठा श्री परमानंद हरि हर मंदिर में हवन-पूजन-कीर्तन किया जाएगा। इस अनुष्ठान का समापन भव्य और दिव्य भंडारा होगा जबकि दूसरे चरण में चिनहट वी-मार्ट के पास स्थित रजत डिग्री कॉलेज के सामने स्थित पावन सनातन धाम लॉन में सत्संग और कन्यापूजन का भव्य अनुष्ठान होगा।
उस सत्संग में बताया जाएगा कि नवरात्र का आध्यात्मिक आशय केवल बाहरी पूजा-पाठ या रस्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव आत्मा की आंतरिक यात्रा, आत्म-शुद्धि और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर दिव्य गुणों की विजय का प्रतीक है।
अध्यात्म में ‘रात्रि’ शब्द संकटों, अज्ञान और अंधकार को दर्शाता है, जबकि ‘नव’ का अर्थ नयापन और नौ की संख्या से है अर्थात, नवरात्र हमारे भीतर छिपे अंधकार को मिटाकर प्रकाश की ओर बढ़ने का एक पावन अवसर है। इस वृहद आध्यात्मिक सत्संग के उपरांत 150 कन्याओं का पूजन करके उन्हें स्कूल बैग भेंट किया जाएगा। उस बैग में कन्याओं के श्रंगार का सामान जैसे कंगन, माला, वस्त्र, चुनरी के साथ टिफिन बॉक्स, वाटर बॉटल, एक गेम लूडो या बैडमिंटन का रैकेट होगा।
देवी स्वरूपा कन्याओं को पूजन की सामग्री सहित हनुमान चालीसा की पुस्तिका भी भेंट की जाएगी। इस अनुष्ठान में सभी मातृशक्तियां सनातनी पीली साड़ी में ही शामिल हो कर जगत जननी आदि शक्ति मां के जयकारे भी लगाएंगी।
परम पिता परमात्मा की असीम अनुकम्पा से सपना गोयल के द्वारा उत्तर प्रदेश ही नहीं वरन राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से “सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान” का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। उनका एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, “भारत” एक बार पुन: “विश्व गुरु” के रूप में प्रतिष्ठित हो।
भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” की ओर से बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में उनकी अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। उस अनुष्ठान में पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था।
इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था।
11 सितम्बर 2024 से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। इस क्रम में 18 नवम्बर से त्रिदिवसीय ऋषिकेष तीर्थयात्रा भी आरंभ होगी वहीं 20 दिसम्बर को लखनऊ में 11 हजार महिलाएं सपना गोयल की अगुआई में एक साथ सुंदरकांड का पाठ करेंगी।




