मरीज के ब्रेन का डीएसए मशीन से एंजीग्राफी करके सटीक बीमारी की पुष्टि की गई

वरिष्ठ संवाददाता

अमित सिंह बिष्ट

राजधानी/ लखनऊ

जिला बहराइच निवासी 28 वर्षीय पुरुष को बाएं पिकॉम आर्टरी से रूप्चर्ड ब्लिश्टर/ब्लेब नामक बीमारी से ब्रेन हैमरेज हो गया।ऐसी दशा में मरीज को तेज सिरदर्द,उल्टी एवम तेज चक्कर आने की गंभीरता के दृष्टगत केजीएमयू के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी लैब में एंडोवास्कुलर फ्लो डाइवर्टर तकनीक से इलाज हेतु भेजा गया। मरीज के ब्रेन का डीएसए मशीन से एंजीग्राफी करके सटीक बीमारी की पुष्टि की गई।मरीज की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण आई आर के डॉक्टर्स द्वारा आयुष्मान योजना के सहयोग से मरीज की इलाज में लगने वाले समानों की उपलप्धता सुनिश्चित की गई l इसके बाद रेडियोलॉजी एवम एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में रेडियोलॉजी विभाग के आई आर डॉक्टर मनोज कुमार एवम डॉक्टर सौरभ कुमार एवम टीम ने माइक्रो कैथेटर्स द्वारा एंडोवास्कुलर फ्लो डाइवर्टर नामक डिवाइस तकनीक से छतिग्रष्ट दिमाग के नस की मरम्मत की गई ।उपरोक्त बीमारी को कुशलता पूर्वक दिनांक 9 अक्टूबर को सटीकता एवम सफलता पूर्वक संपन्न किया गया।इंटरवेंशनल प्रोसीजर के बाद ही मरीज को बेहोशी से एक्सटुबेट किया गया एवम मरीज प्रो डॉक्टर राजेश वर्मा न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष की देखरेख में स्वस्थ है।मरीज एवम उसके परिवार ने इसके लिए आयुष्मान योजना,केजीएमयू की माननीय कुलपति एवम चिकित्सकों का धन्यवाद दिया एवम और बताया कि यह सब आयुष्मान योजना एवम केजीएमयू के चिकित्सकों के अथक प्रयास एवम सहयोग से ही संभव हो पाया है।

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Date : 10 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
मरीज के ब्रेन का डीएसए मशीन से एंजीग्राफी करके सटीक बीमारी की पुष्टि की गई
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वरिष्ठ संवाददाता

अमित सिंह बिष्ट

राजधानी/ लखनऊ

जिला बहराइच निवासी 28 वर्षीय पुरुष को बाएं पिकॉम आर्टरी से रूप्चर्ड ब्लिश्टर/ब्लेब नामक बीमारी से ब्रेन हैमरेज हो गया।ऐसी दशा में मरीज को तेज सिरदर्द,उल्टी एवम तेज चक्कर आने की गंभीरता के दृष्टगत केजीएमयू के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी लैब में एंडोवास्कुलर फ्लो डाइवर्टर तकनीक से इलाज हेतु भेजा गया। मरीज के ब्रेन का डीएसए मशीन से एंजीग्राफी करके सटीक बीमारी की पुष्टि की गई।मरीज की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण आई आर के डॉक्टर्स द्वारा आयुष्मान योजना के सहयोग से मरीज की इलाज में लगने वाले समानों की उपलप्धता सुनिश्चित की गई l इसके बाद रेडियोलॉजी एवम एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में रेडियोलॉजी विभाग के आई आर डॉक्टर मनोज कुमार एवम डॉक्टर सौरभ कुमार एवम टीम ने माइक्रो कैथेटर्स द्वारा एंडोवास्कुलर फ्लो डाइवर्टर नामक डिवाइस तकनीक से छतिग्रष्ट दिमाग के नस की मरम्मत की गई ।उपरोक्त बीमारी को कुशलता पूर्वक दिनांक 9 अक्टूबर को सटीकता एवम सफलता पूर्वक संपन्न किया गया।इंटरवेंशनल प्रोसीजर के बाद ही मरीज को बेहोशी से एक्सटुबेट किया गया एवम मरीज प्रो डॉक्टर राजेश वर्मा न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष की देखरेख में स्वस्थ है।मरीज एवम उसके परिवार ने इसके लिए आयुष्मान योजना,केजीएमयू की माननीय कुलपति एवम चिकित्सकों का धन्यवाद दिया एवम और बताया कि यह सब आयुष्मान योजना एवम केजीएमयू के चिकित्सकों के अथक प्रयास एवम सहयोग से ही संभव हो पाया है।

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