डग्गामारी के खिलाफ संघर्ष अब सड़क पर :जसवंत सिंह।

लखनऊ।

यूपी/हेड 

राजीव आनन्द 

डग्गामारी के खिलाफ संघर्ष अब सड़क पर :जसवंत सिंह।

परिवहन निगम के अस्तित्व पर चोट करने वाली अवैध डग्गामारी आज नासूर से बढ़कर कैंसर का रूप ले चुकी है, विडंबना देखिए, सब कुछ सामने है, फिर भी न प्रशासन देख रहा है, न निगम के आला अधिकारियो को दिख रहा और न ही हमारे विभाग के बड़े संगठनों की ओर से निर्णायक पहल दिखाई दे रही है।

लेकिन इस उम्र में भी जसवंत सिंह ने निगम को बचाने का जो बीड़ा उठाया है, वह हर कर्मचारी के लिए प्रेरणा है, जब जिम्मेदार लोग खामोश हैं, तब उनका संघर्ष हम सबको जगाने की आवाज है।

सवाल सीधा है,जब लोड फैक्टर पूरा न होने पर संविदा कर्मचारियों के वेतन से कटौती होती है, तो निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध संचालन पर कार्रवाई क्यों नहीं? कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई गंवाए और अवैध डग्गामारी का कारोबार फलता-फूलता रहे,यह दोहरा मापदंड अब बर्दाश्त नहीं होगा!

13 तारीख को सड़क पर उतरना केवल विरोध नहीं, अपने वेतन, अपने परिवार की रोजी-रोटी और परिवहन निगम के अस्तित्व की लड़ाई है, अब हर कर्मचारी को तय करना होगा, वह तमाशबीन बनकर अपने नुकसान को देखेगा या अपनी रोटी को बचाने की इस लड़ाई में अपनी आवाज बुलंद करेगा।

याद रखिए! जब कर्मचारी एकजुट होकर सड़क पर उतरेगा, तभी हमारे माननीय जो कहते हैं कि प्रदेश में एक भी डग्गामार नहीं है, और प्रशासन जो गहरी नींद में सो रहा है, और हमारा मुख्यालय जहां दिनभर सिर्फ संविदा कर्मचारियों की कटौती पर ही विचार होता है, अब कर्मचारी इस अवैध संचालन को रोक कर इनको आईना दिखाने का काम करेगा,न कर्मचारी की मेहनत लुटने देंगे, न निगम के राजस्व को बर्बाद होने देंगे।

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Date : 10 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
डग्गामारी के खिलाफ संघर्ष अब सड़क पर :जसवंत सिंह।
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लखनऊ।

यूपी/हेड 

राजीव आनन्द 

डग्गामारी के खिलाफ संघर्ष अब सड़क पर :जसवंत सिंह।

परिवहन निगम के अस्तित्व पर चोट करने वाली अवैध डग्गामारी आज नासूर से बढ़कर कैंसर का रूप ले चुकी है, विडंबना देखिए, सब कुछ सामने है, फिर भी न प्रशासन देख रहा है, न निगम के आला अधिकारियो को दिख रहा और न ही हमारे विभाग के बड़े संगठनों की ओर से निर्णायक पहल दिखाई दे रही है।

लेकिन इस उम्र में भी जसवंत सिंह ने निगम को बचाने का जो बीड़ा उठाया है, वह हर कर्मचारी के लिए प्रेरणा है, जब जिम्मेदार लोग खामोश हैं, तब उनका संघर्ष हम सबको जगाने की आवाज है।

सवाल सीधा है,जब लोड फैक्टर पूरा न होने पर संविदा कर्मचारियों के वेतन से कटौती होती है, तो निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध संचालन पर कार्रवाई क्यों नहीं? कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई गंवाए और अवैध डग्गामारी का कारोबार फलता-फूलता रहे,यह दोहरा मापदंड अब बर्दाश्त नहीं होगा!

13 तारीख को सड़क पर उतरना केवल विरोध नहीं, अपने वेतन, अपने परिवार की रोजी-रोटी और परिवहन निगम के अस्तित्व की लड़ाई है, अब हर कर्मचारी को तय करना होगा, वह तमाशबीन बनकर अपने नुकसान को देखेगा या अपनी रोटी को बचाने की इस लड़ाई में अपनी आवाज बुलंद करेगा।

याद रखिए! जब कर्मचारी एकजुट होकर सड़क पर उतरेगा, तभी हमारे माननीय जो कहते हैं कि प्रदेश में एक भी डग्गामार नहीं है, और प्रशासन जो गहरी नींद में सो रहा है, और हमारा मुख्यालय जहां दिनभर सिर्फ संविदा कर्मचारियों की कटौती पर ही विचार होता है, अब कर्मचारी इस अवैध संचालन को रोक कर इनको आईना दिखाने का काम करेगा,न कर्मचारी की मेहनत लुटने देंगे, न निगम के राजस्व को बर्बाद होने देंगे।

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