वरिष्ठ संवाददाता
दिलीप सिंह रावत
राजधानी/ लखनऊ
*समाजवादी पार्टी कहने में नहीं, करके दिखाने में विश्वास रखती है : लौटनराम निषाद*
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👉*पीडीए की एकजुटता और बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा पर दिया जोर*
*लखनऊ।* गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र के तारुन ब्लॉक अंतर्गत ओंदी रतिनाथपुर में ग्राम प्रधान दिनेश यादव के पिता रामकुबेर यादव की ओर से आयोजित गया जगन्नाथ मेले में समाजवादी पार्टी के नेता एवं समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी केवल वादे करने में नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करके दिखाने में विश्वास रखती है। उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज से एकजुट होकर संविधान, लोकतंत्र और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करने का आह्वान किया।
मेले को संबोधित करते हुए निषाद ने कहा कि देश में संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और आदिवासी समाज ने एकजुट होकर राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित नहीं की, तो सामाजिक न्याय की लड़ाई कमजोर होगी। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को संविधान, लोकतंत्र और बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण चुनाव बताया।
धार्मिक मुद्दों के बजाय महंगाई और बेरोजगारी पर हो चर्चा
चौ. लौटनराम निषाद ने आरोप लगाया कि भाजपा राममंदिर और धर्म के मुद्दों को आगे करके महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, रोजगार तथा किसानों की समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और आम लोगों को महंगाई से राहत मिलनी चाहिए। राजनीति का केंद्र जनहित और बुनियादी समस्याएं होनी चाहिए, न कि समाज में नफरत और विभाजन पैदा करने वाले मुद्दे।
उन्होंने महिलाओं के खाते में चुनाव से पहले धनराशि भेजे जाने की संभावित योजना पर भी सवाल उठाए। निषाद ने कहा कि महिलाओं को मिलने वाली सहायता की शर्तें स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि बाद में उसे कर्ज बताकर वसूली न की जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी दल की ओर से मिलने वाली सहायता को स्वीकार करने के बावजूद मतदान का फैसला अपने बच्चों के भविष्य और जनहित को ध्यान में रखकर करें।
सपा सरकार की योजनाएं गिनाईं
निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार ने विद्यार्थियों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए कई योजनाएं संचालित की थीं। इनमें इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थियों को लैपटॉप, कन्या विद्याधन, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, मुफ्त सिंचाई, चिकित्सीय अनुदान, 102 और 108 एंबुलेंस सेवाएं, डायल-100, महिला सुरक्षा के लिए 1090, किसान एवं मछुआरा बीमा, बेरोजगारी भत्ता तथा समाजवादी पेंशन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में इनमें से कई योजनाएं बंद हो गईं या उनका स्वरूप बदल गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं, छात्राओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए नई सहायता योजनाएं शुरू करने तथा शिक्षा और बिजली से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने महिला मुखिया को सालाना 40 हजार रुपये की सहायता, प्रतिमाह 300 यूनिट मुफ्त बिजली और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राओं के लिए 50 हजार रुपये के कन्या विद्याधन का भी प्रस्ताव रखा।
चौ. निषाद ने निषाद, कश्यप, लोधी, मौर्य, विश्वकर्मा, साहू, भुर्जी, नाई, चौरसिया, माली, पटेल, मल्लाह, राजभर, प्रजापति, चौहान, कुशवाहा और पाल समेत विभिन्न अतिपिछड़े समुदायों से अपने बच्चों को हर हाल में बेहतर शिक्षा दिलाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति का सबसे प्रभावी रास्ता शिक्षा है। समाज को अपनी संतानों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना चाहिए और उनमें दृढ़ संकल्प पैदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे समाजों से ईर्ष्या करने के बजाय शिक्षा, प्रतिभा और उपलब्धियों के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व प्रधान कन्हैयालाल यादव, पूर्व प्रधान रामप्यारे यादव, पूर्व प्रधान रामभारत यादव, प्रधान रामसुन्दर यादव, ब्रह्मादीन तूफानी यादव, शिवपूजन यादव, दुष्यंत कुमार निषाद, सुरेंद्र कुमार यादव, भागवत यादव और अरविंद यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




