दिल्ली पुलिस थाने में कथित अभिरक्षा-मारपीट पर FIR दर्ज करने की मांग।

लखनऊ।

यूपीहेड 

राजीव आनन्द 

दिल्ली पुलिस थाने में कथित अभिरक्षा-मारपीट पर FIR दर्ज करने की मांग।

पूर्व IPS अधिकारी एवं आज़ाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने संसद मार्ग थाने के SHO को शिकायत भेजकर 5 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिए जाने के बाद धर्मेंद्र और समर्थ के साथ थाने के भीतर कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज करने तथा उचित आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173(1) के तहत दी गई है।

5 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 17 लोगों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस न्यायालय ने धर्मेंद्र और समर्थ के इन आरोपों का उल्लेख किया कि हिरासत में लिए जाने के बाद संसद मार्ग थाने के भीतर उनके साथ मारपीट की गई। न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्टों में दर्ज चोटों का संज्ञान लेते हुए इन आरोपों पर नई दिल्ली के DCP से रिपोर्ट तलब की तथा संसद मार्ग थाने की संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर अमिताभ ठाकुर ने आरोपों की निष्पक्ष जांच, संबंधित साक्ष्यों के संरक्षण तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को भी अलग शिकायत भेजकर कथित अभिरक्षा-हिंसा की स्वतंत्र जांच और समीक्षा का अनुरोध किया है।

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Date : 09 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
दिल्ली पुलिस थाने में कथित अभिरक्षा-मारपीट पर FIR दर्ज करने की मांग।
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लखनऊ।

यूपीहेड 

राजीव आनन्द 

दिल्ली पुलिस थाने में कथित अभिरक्षा-मारपीट पर FIR दर्ज करने की मांग।

पूर्व IPS अधिकारी एवं आज़ाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने संसद मार्ग थाने के SHO को शिकायत भेजकर 5 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिए जाने के बाद धर्मेंद्र और समर्थ के साथ थाने के भीतर कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज करने तथा उचित आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173(1) के तहत दी गई है।

5 अक्टूबर 2026 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 17 लोगों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस न्यायालय ने धर्मेंद्र और समर्थ के इन आरोपों का उल्लेख किया कि हिरासत में लिए जाने के बाद संसद मार्ग थाने के भीतर उनके साथ मारपीट की गई। न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्टों में दर्ज चोटों का संज्ञान लेते हुए इन आरोपों पर नई दिल्ली के DCP से रिपोर्ट तलब की तथा संसद मार्ग थाने की संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर अमिताभ ठाकुर ने आरोपों की निष्पक्ष जांच, संबंधित साक्ष्यों के संरक्षण तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को भी अलग शिकायत भेजकर कथित अभिरक्षा-हिंसा की स्वतंत्र जांच और समीक्षा का अनुरोध किया है।

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