उत्तर प्रदेश/लखनऊ
वरिष्ठ संवाददाता
मोहम्मद शादाब
देश के समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नवम्बर माह में जंतर-मंतर पर करेंग धरना प्रदर्शन।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी महासंघ द्वारा दिनांक 07 मई, 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में एक दिवसीय धरना के माध्यम से 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर आज तक एक बिन्दु पर कोई कार्यवाही या विचार नहीं किया गया, जिससे देश के कर्मचारियों में आक्रोश है। मांगों पर कार्यवाही न होने पर राष्ट्रीय महासचिव सुरेश सिंह यादव एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ0 के0गणेशन ने संयुक्त बयान जारी किया है। 4सूत्रीय मुख्य विशेष मांगों को प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
राज्य निर्वाचन में लगे शासकीय कर्मचारी बी0एल0ओ0 का कार्य सम्पादक कराते हुए आत्महत्या एवं मृत्यु हुई है जिनकी संख्या लगभग पूरे भारतवर्ष में 150 से अधिक है। उनके परिवारों को दो करोड़ का प्रत्येक परिवार को मुआवजा दिया जाये। समस्त राज्यों के विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के स्वीकृत पदों को भरने हेतु समस्त राज्य के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्रियों को निर्देश जारी किया जाये।
समस्त राज्यों में कार्यरत आशा कार्यकत्री, आंगनवाड़ी, रसोईया, पी0आर0डी0 कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित एवं न्यूनतम मानदेय के रूप में चालीस हजार रुपये दिये जाने के निर्देश जारी किये जाये। पुरानी पेंशन बहाल की जाय, नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त किया जाये, जिससे सेवानिवृत्त के समय सामाजिक सम्मान मिले। आउटसोर्सिंग निजीकरण व्यवस्था को समाप्त किया जाये, स्थायी स्वीकृत पदों को सभी संवर्ग के पदों को भरे जाने हेतु समस्त राज्य के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री को निर्देश जारी किया जाये।
राष्ट्रीय महासचिव, सुरेश सिंह यादव ने यह भी बताया कि राज्य के संगठनों से सरकारें वार्ता करके समस्याओं का हल नहीं नहीं कर रही हैं, उनकी समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो पूरे देश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी माह नवम्बर में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।




