उत्तर प्रदेश/वाराणसी
यूपी/हेड
राजीव आनन्द
माँ गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कर कांग्रेस ने दिया ऐतिहासिक सम्मान: राघवेंद्र चौबे महानगर अध्यक्ष, महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी।

शीतला घाट पर कांग्रेसजनों ने मां गंगा का किया दुग्धाभिषेक, निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता की कामना के साथ किया पूजन।
वाराणसी मां गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं अविरलता की कामना के साथ महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शीतला घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन महानगर महासचिव प्रमोद वर्मा ने किया मुख्य अतिथि सेवादल प्रमुख प्रमोद पाण्डेय रहे।
इस अवसर पर प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि 5 नवंबर 2008 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित कर देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। तभी से वाराणसी में कांग्रेसजनों द्वारा निरंतर शीतला घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर उनकी निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता की कामना के साथ पूजन किया जाता रहा है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं। कांग्रेस पार्टी ने गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कर उनके महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया। आज गंगा की स्वच्छता और निर्मलता की बड़ी-बड़ी बातें करने वालों को यह भी याद रखना चाहिए कि गंगा को राष्ट्रीय नदी का सम्मान देने का ऐतिहासिक निर्णय डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कांग्रेस की सरकार ने लिया था।

उन्होंने कहा कि मां गंगा की स्वच्छता केवल सरकारी घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों, जनभागीदारी और जिम्मेदारी से सुनिश्चित होगी। गंगा की अविरल धारा, निर्मल जल और स्वच्छ तट हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। कांग्रेसजन मां गंगा की गरिमा, पवित्रता और संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।
कार्यक्रम में :- प्रदेश प्रमुख सेवादल प्रमोद पाण्डेय,महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे,सतनाम सिंह,प्रमोद वर्मा,प्रवीण प्रकाश,वकील अंसारी,देवेन्द्र सिंह,मनोज दृवेदी,नरसिंह दास, आकाश त्रिपाठी, सदानंद तिवारी,मो इस्लाम,विनोद शुक्ला, प्रवीण सिंह,दीपक यादव,शशि सोनकर, गोपाल चौबे,मदन यादव,शकील जादूगर, आशिष,किशन यादव,विकास ,रामजी गुप्ता व कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और मां गंगा की निर्मलता, स्वच्छता तथा अविरलता की कामना की।





