लखनऊ।
यूपी/हेड
राजीव आनन्द
अमरपाली ग्रुप पर ED का बड़ा एक्शन, ₹54.71 करोड़ की संपत्ति अटैच।
अमरपाली ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई।
ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने ₹54.71 करोड़ की अचल संपत्ति अटैच की।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत संपत्ति की गई अटैच।
नई दिल्ली के महारानी बाग स्थित संपत्ति पर हुई कार्रवाई।
अटैच की गई संपत्ति का नंबर A-3 (न्यू) बताया गया है।
संपत्ति सुर्भी एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है।
अमरपाली ग्रुप और उसके निदेशकों-प्रमोटरों के खिलाफ चल रही जांच।
यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस और EOW में दर्ज 18 FIR के आधार पर जांच शुरू हुई।
घर खरीदारों को 36 महीने में फ्लैट देने का वादा किया गया था।
फ्लैट के साथ निवेश पर रिटर्न देने का भी किया गया था दावा।
आरोप है कि कई हाउसिंग प्रोजेक्ट अधूरे रह गए।
घर खरीदारों को न फ्लैट का कब्जा मिला और न ही रकम वापस हुई।
फॉरेंसिक ऑडिट में ₹5,000 करोड़ से अधिक की रकम डायवर्ट होने की बात सामने आई।
ED की जांच में खरीदारों के पैसे दूसरी कंपनियों में भेजे जाने का खुलासा।
आरोप है कि शेल कंपनियों और ग्रुप कंपनियों के जरिए रकम का इस्तेमाल किया गया।
पेशेवर फीस के नाम पर भी धनराशि दूसरी कंपनियों में भेजे जाने की बात सामने आई।
अमरपाली ग्रुप के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा के परिवार के सदस्यों के जरिए भी रकम भेजे जाने का आरोप।
ED के मुताबिक, सुर्भी एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड को लोन के रूप में रकम दी गई थी।
₹54.71 करोड़ की संपत्ति अपराध से अर्जित आय के तौर पर चिह्नित, ED की आगे की जांच जारी।




