विशेष रिपोर्ट
अनुराग सिंह बिष्ट
राजधानी/ लखनऊ
*कैप्टन स्मित माछर के अनुसार भी हनुमान चालीसा है परमात्मा का आशीष : सपना गोयल*
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*लखनऊ।* सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस से फ्लाईदुबई विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई। आज विश्व सनातन की शक्ति को सम्मान कर रहा है। वास्तव में यह प्रभु का चमत्कार ही है क्यों कि कहा भी गया है कि कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं। इसके साथ ही यह भी सत्य है कि संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।
सपना गोयल ने जब से सुंदरकांड महा अभियान शुरू किया है उसके साक्षात प्रमाण भी मिलने लगे हैं। लोग अपने मुख से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का गुणगान कर रहे हैं और इसकी शक्तियों को बता भी रहे हैं। यह अद्भुत ऊर्जा है इसका नियम हर सनातनी को बनाना ही चाहिए। सपना गोयल का यह प्रयास आज वैश्विक होता जा रहा है। धरती से लेकर आकाश तक लोग इसकी शक्ति को मान भी रहे हैं।
सपना गोयल ने बताया कि परम पिता परमात्मा की असीम अनुकम्पा से उनके द्वारा उत्तर प्रदेश ही नहीं वरन राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से “सुंदरकांड महा अभियान, भारत वर्ष की बने पहचान” का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। उनका एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, “भारत” एक बार पुन: “विश्व गुरु” के रूप में प्रतिष्ठित हो।
भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” की ओर से बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में उनकी अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया था। उस अनुष्ठान में पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था।
इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था। 11 सितम्बर 2024 से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। आवश्यकता केवल हर सनातनी को अपने अंदर इस महाशक्ति को जागृत करने की है।
सुंदरकांड के नियमित पाठ से यह लक्ष्य भी आसानी से पाया जा सकता है। इस क्रम में 18 नवम्बर को ऋषिकेष तीर्थयात्रा से पहले लखनऊ में आगामी 7 अक्टूबर को आध्यात्मिक संगोष्ठी का आयोजन शाम चार बजे चिनहट के रजत डिग्री कॉलेज के समक्ष स्थित सनातन धाम लॉन में किया जा रहा है वहीं 20 दिसम्बर को लखनऊ में 11 हजार महिलाएं सपना गोयल की अगुआई में एक साथ सुंदरकांड का पाठ करेंगी।




