बीएलओ मशीन नहीं इंसान हैं, उन्हें मौत की तरफ धकेला जा रहा है – संजीव शाक्य

  • बीएलओ की मौत पर आप ने विरोध कर श्रद्धांजलि सभा की
    इटावा।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर प्रदेश व्यापी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भरथना के बालूगंज स्थित शहीद पार्क में किया गया।
    देशभर में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर इस हद तक दबाव बना रहे हैं कि अब तक 25 से अधिक बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ संगठित अपराध है। जब चुनाव में अभी डेढ़ साल बाकी है तो इतनी बेतहाशा जल्दबाज़ी क्यों? क्या यह चुनाव सुधार है या विपक्ष और वंचित वर्ग को सूची से हटाने की सोची-समझी साजिश? संजीव शाक्य ने कहा कि बीएलओ को बिना संसाधन, बिना प्रशिक्षण और बिना समय सीमा के ऐसी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है कि लोग नौकरी बचाने के डर में आत्महत्या तक कर रहे हैं। यह “तानाशाही शासन” है। आप जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग की इस निर्मम जल्दबाज़ी का नतीजा 25 से ज्यादा मौतों के रूप में सामने आया है और अब आयोग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और एस आई आर की समय सीमा कम से कम 3 माह की जानी चाहिए। मृत बीएलओ को श्रद्धांजलि देने के साथ यह मांग उठाई जाएगी कि बीएलओ की मौतों की उच्च स्तरीय जांच हो, परिवारों को मुआवजा दिया जाए और एसआईआर के नाम पर हो रहा अत्याचार तुरंत रोका जाए। कार्यक्रम में संजीव शाक्य जिला अध्यक्ष, भजनलाल जिला उपाध्यक्ष, एजाज मोहम्मद जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, अशोक यादव विधानसभा अध्यक्ष, मोहम्मद नफीस, अंकुर कुमार जिला उपाध्यक्ष, किशन लाल, प्रदीप पोरवाल, महेश चंद्र ,जीतू यादव, सर्वेश, राम शंकर,कृपाराम, दिनेश कुमार ,आदि लोग मौजूद रहे।
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Date : 01 December 2025 Posted By :
बीएलओ मशीन नहीं इंसान हैं, उन्हें मौत की तरफ धकेला जा रहा है – संजीव शाक्य
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  • बीएलओ की मौत पर आप ने विरोध कर श्रद्धांजलि सभा की
    इटावा।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर प्रदेश व्यापी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भरथना के बालूगंज स्थित शहीद पार्क में किया गया।
    देशभर में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर इस हद तक दबाव बना रहे हैं कि अब तक 25 से अधिक बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ संगठित अपराध है। जब चुनाव में अभी डेढ़ साल बाकी है तो इतनी बेतहाशा जल्दबाज़ी क्यों? क्या यह चुनाव सुधार है या विपक्ष और वंचित वर्ग को सूची से हटाने की सोची-समझी साजिश? संजीव शाक्य ने कहा कि बीएलओ को बिना संसाधन, बिना प्रशिक्षण और बिना समय सीमा के ऐसी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है कि लोग नौकरी बचाने के डर में आत्महत्या तक कर रहे हैं। यह “तानाशाही शासन” है। आप जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग की इस निर्मम जल्दबाज़ी का नतीजा 25 से ज्यादा मौतों के रूप में सामने आया है और अब आयोग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और एस आई आर की समय सीमा कम से कम 3 माह की जानी चाहिए। मृत बीएलओ को श्रद्धांजलि देने के साथ यह मांग उठाई जाएगी कि बीएलओ की मौतों की उच्च स्तरीय जांच हो, परिवारों को मुआवजा दिया जाए और एसआईआर के नाम पर हो रहा अत्याचार तुरंत रोका जाए। कार्यक्रम में संजीव शाक्य जिला अध्यक्ष, भजनलाल जिला उपाध्यक्ष, एजाज मोहम्मद जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, अशोक यादव विधानसभा अध्यक्ष, मोहम्मद नफीस, अंकुर कुमार जिला उपाध्यक्ष, किशन लाल, प्रदीप पोरवाल, महेश चंद्र ,जीतू यादव, सर्वेश, राम शंकर,कृपाराम, दिनेश कुमार ,आदि लोग मौजूद रहे।

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