सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में साफ किया है कि किसी आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय-सीमा उसकी हिरासत (Detention) में लिए जाने के समय से शुरू होगी

विशेष रिपोर्ट

अनुराग सिंह बिष्ट

राजधानी/ दिल्ली

*सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में साफ किया है कि किसी आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय-सीमा उसकी हिरासत (Detention) में लिए जाने के समय से शुरू होगी!

न कि केवल उसकी औपचारिक गिरफ्तारी (Formal Arrest) के समय से।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिरासत में लेना और गिरफ्तार करना, दोनों एक ही तरह से व्यक्ति की आजादी पर रोक लगाते हैं

इसलिए 24 घंटे की गिनती उसी समय से शुरू होगी, जब पुलिस किसी व्यक्ति को हिरासत लेती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ हाई कोर्ट की इस रवैये की आलोचना भी की कि हिरासत में लेने और औपचारिक गिरफ्तारी करने के बीच अलग-अलग कानूनी स्थिति मानकर अंतर किया जा सकता है।

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Date : 05 November 2026 Posted By : NEWS-DESK
सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में साफ किया है कि किसी आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय-सीमा उसकी हिरासत (Detention) में लिए जाने के समय से शुरू होगी
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अनुराग सिंह बिष्ट

राजधानी/ दिल्ली

*सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में साफ किया है कि किसी आरोपी को 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की समय-सीमा उसकी हिरासत (Detention) में लिए जाने के समय से शुरू होगी!

न कि केवल उसकी औपचारिक गिरफ्तारी (Formal Arrest) के समय से।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिरासत में लेना और गिरफ्तार करना, दोनों एक ही तरह से व्यक्ति की आजादी पर रोक लगाते हैं

इसलिए 24 घंटे की गिनती उसी समय से शुरू होगी, जब पुलिस किसी व्यक्ति को हिरासत लेती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ हाई कोर्ट की इस रवैये की आलोचना भी की कि हिरासत में लेने और औपचारिक गिरफ्तारी करने के बीच अलग-अलग कानूनी स्थिति मानकर अंतर किया जा सकता है।

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