हजरतगंज आत्महत्या प्रकरण में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय आरोपमुक्त।

उत्तर प्रदेश/लखनऊ 

यूपी/हेड 

राजीव आनन्द 

हजरतगंज आत्महत्या प्रकरण में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय आरोपमुक्त।

लखनऊ 30 अक्टूबर। राजधानी के विशेष एमपी-एमएलए न्यायालय ने 23 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में FIR संख्या 309/2021, थाना हजरतगंज, लखनऊ से संबंधित मामले में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय की आरोपमुक्ति याचिका स्वीकार कर ली। उक्त मामले में अतुल राय और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के संबंध में आरोप लगाए गए थे।

न्यायालय ने पाया कि अतुल राय और अमिताभ ठाकुर के बीच कथित मिलीभगत अथवा साजिश के समर्थन में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं था। कथित घटना के समय अतुल राय जेल में निरुद्ध थे, उनके और अमिताभ ठाकुर के बीच टेलीफोनिक संपर्क, जेल में मुलाकात अथवा किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से संदेश भेजे जाने का भी कोई साक्ष्य विवेचना में सामने नहीं आया। न्यायालय के अनुसार, विवेचक ने मुख्यतः इस धारणा के आधार पर आरोपपत्र प्रस्तुत किया था कि आत्महत्या से अतुल राय को लाभ हो सकता है।

विशेष न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि अतुल राय के विरुद्ध आरोप विरचित करने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं और इसी आधार पर उनकी आरोपमुक्ति याचिका स्वीकार कर ली।

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Date : 30 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
हजरतगंज आत्महत्या प्रकरण में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय आरोपमुक्त।
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हजरतगंज आत्महत्या प्रकरण में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय आरोपमुक्त।

लखनऊ 30 अक्टूबर। राजधानी के विशेष एमपी-एमएलए न्यायालय ने 23 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में FIR संख्या 309/2021, थाना हजरतगंज, लखनऊ से संबंधित मामले में घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय की आरोपमुक्ति याचिका स्वीकार कर ली। उक्त मामले में अतुल राय और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के संबंध में आरोप लगाए गए थे।

न्यायालय ने पाया कि अतुल राय और अमिताभ ठाकुर के बीच कथित मिलीभगत अथवा साजिश के समर्थन में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं था। कथित घटना के समय अतुल राय जेल में निरुद्ध थे, उनके और अमिताभ ठाकुर के बीच टेलीफोनिक संपर्क, जेल में मुलाकात अथवा किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से संदेश भेजे जाने का भी कोई साक्ष्य विवेचना में सामने नहीं आया। न्यायालय के अनुसार, विवेचक ने मुख्यतः इस धारणा के आधार पर आरोपपत्र प्रस्तुत किया था कि आत्महत्या से अतुल राय को लाभ हो सकता है।

विशेष न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि अतुल राय के विरुद्ध आरोप विरचित करने के लिए पर्याप्त प्रथमदृष्टया साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं और इसी आधार पर उनकी आरोपमुक्ति याचिका स्वीकार कर ली।

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