बिजली विभाग के 73 हजार पेंशनरों की गूंज 38वें वार्षिक अधिवेशन में उठीं अहम मांगें एमडी ने दिया समाधान का भरोसा

वरिष्ठ संवाददाता

अमित सिंह बिष्ट

राजधानी/ लखनऊ

*बिजली विभाग के 73 हजार पेंशनरों की गूंज!*
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👉*38वें वार्षिक अधिवेशन में उठीं अहम मांगें, एमडी ने दिया समाधान का भरोसा*

 

*लखनऊ।* विद्युत पेंशनर्स परिषद उत्तर प्रदेश के 38वें वार्षिक अधिवेशन में बिजली विभाग के पेंशनरों की समस्याओं और लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।

अधिवेशन में मुख्य अतिथि नितीश कुमार (आईएएस), प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के समक्ष प्रदेश के करीब 73 हजार पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की समस्याओं को विस्तार से रखा गया। इस दौरान पेंशनरों ने अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की आवाज बुलंद की।

अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग में 35 से 36 वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले पेंशनर आज भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पेंशन की राशि से वे बाजार से जरूरी सामान खरीदते हैं और छोटे-छोटे रोजगारों को भी सहारा मिलता है। ऐसे में पेंशनरों की समस्याओं का समाधान करना बेहद जरूरी है।

आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण की मांग अधिवेशन में आठवें वेतन आयोग के तहत 1 जनवरी 2026 से पेंशन का पुनरीक्षण बिना किसी भेदभाव के करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने 23 मार्च 2025 के वैलिडेशन एक्ट को निष्प्रभावी किए जाने की मांग करते हुए कहा कि पेंशनरों को भी उचित लाभ मिलना चाहिए।

पेंशनरों ने प्रदेश के सभी जनपदों में अधिक से अधिक मान्यता प्राप्त अस्पतालों को सीजीएचएस दरों पर कैशलेस इलाज के लिए पैनल में शामिल करने की मांग की। इसके साथ ही बिजली का बिल जमा करने पर ही 200 रुपये चिकित्सा भत्ता दिए जाने की शर्त समाप्त करने, पिता पर पूरी तरह निर्भर विधवा एवं तलाकशुदा पुत्रियों को चिकित्सा सुविधा देने और विधवा पुत्रवधू को पारिवारिक पेंशन की पात्रता में शामिल करने की मांग भी उठाई गई।

महंगाई राहत के शासनादेश को सीधे लागू करने की मांग परिषद के अध्यक्ष भारत भूषण और प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश सरकार पेंशन, ग्रेच्युटी और महंगाई राहत का भुगतान पेंशनरों को राजकीय पेंशनरों की तरह कोषागार के माध्यम से कर रही है, तो महंगाई राहत के शासनादेश को भी सीधे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन अलग से आदेश जारी करे अथवा शासन के ऊर्जा विभाग के माध्यम से आदेश जारी कराकर कोषागार से इसका लाभ दिलाया जाए।

मुख्य अतिथि ने दिया उचित समाधान का आश्वासन अधिवेशन को विशिष्ट अतिथि डॉ. जॉन मथाई और हरजीत सिंह सहित मुख्य अतिथि नितीश कुमार (आईएएस), प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने संबोधित किया। पेंशनरों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्य अतिथि ने शीघ्र उचित समाधान का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर विद्युत पेंशनर्स परिषद के उपाध्यक्ष बी.बी. मिश्रा, उप महासचिव दशरथ सिंह सहित विभिन्न जनपदों से आए अध्यक्षों, सचिवों और अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। अधिवेशन में पेंशनरों के सम्मान, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और पेंशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण को लेकर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।

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Date : 28 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
बिजली विभाग के 73 हजार पेंशनरों की गूंज 38वें वार्षिक अधिवेशन में उठीं अहम मांगें एमडी ने दिया समाधान का भरोसा
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अमित सिंह बिष्ट

राजधानी/ लखनऊ

*बिजली विभाग के 73 हजार पेंशनरों की गूंज!*
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👉*38वें वार्षिक अधिवेशन में उठीं अहम मांगें, एमडी ने दिया समाधान का भरोसा*

 

*लखनऊ।* विद्युत पेंशनर्स परिषद उत्तर प्रदेश के 38वें वार्षिक अधिवेशन में बिजली विभाग के पेंशनरों की समस्याओं और लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।

अधिवेशन में मुख्य अतिथि नितीश कुमार (आईएएस), प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के समक्ष प्रदेश के करीब 73 हजार पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की समस्याओं को विस्तार से रखा गया। इस दौरान पेंशनरों ने अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की आवाज बुलंद की।

अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग में 35 से 36 वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले पेंशनर आज भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पेंशन की राशि से वे बाजार से जरूरी सामान खरीदते हैं और छोटे-छोटे रोजगारों को भी सहारा मिलता है। ऐसे में पेंशनरों की समस्याओं का समाधान करना बेहद जरूरी है।

आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण की मांग अधिवेशन में आठवें वेतन आयोग के तहत 1 जनवरी 2026 से पेंशन का पुनरीक्षण बिना किसी भेदभाव के करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने 23 मार्च 2025 के वैलिडेशन एक्ट को निष्प्रभावी किए जाने की मांग करते हुए कहा कि पेंशनरों को भी उचित लाभ मिलना चाहिए।

पेंशनरों ने प्रदेश के सभी जनपदों में अधिक से अधिक मान्यता प्राप्त अस्पतालों को सीजीएचएस दरों पर कैशलेस इलाज के लिए पैनल में शामिल करने की मांग की। इसके साथ ही बिजली का बिल जमा करने पर ही 200 रुपये चिकित्सा भत्ता दिए जाने की शर्त समाप्त करने, पिता पर पूरी तरह निर्भर विधवा एवं तलाकशुदा पुत्रियों को चिकित्सा सुविधा देने और विधवा पुत्रवधू को पारिवारिक पेंशन की पात्रता में शामिल करने की मांग भी उठाई गई।

महंगाई राहत के शासनादेश को सीधे लागू करने की मांग परिषद के अध्यक्ष भारत भूषण और प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश सरकार पेंशन, ग्रेच्युटी और महंगाई राहत का भुगतान पेंशनरों को राजकीय पेंशनरों की तरह कोषागार के माध्यम से कर रही है, तो महंगाई राहत के शासनादेश को भी सीधे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन अलग से आदेश जारी करे अथवा शासन के ऊर्जा विभाग के माध्यम से आदेश जारी कराकर कोषागार से इसका लाभ दिलाया जाए।

मुख्य अतिथि ने दिया उचित समाधान का आश्वासन अधिवेशन को विशिष्ट अतिथि डॉ. जॉन मथाई और हरजीत सिंह सहित मुख्य अतिथि नितीश कुमार (आईएएस), प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने संबोधित किया। पेंशनरों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्य अतिथि ने शीघ्र उचित समाधान का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर विद्युत पेंशनर्स परिषद के उपाध्यक्ष बी.बी. मिश्रा, उप महासचिव दशरथ सिंह सहित विभिन्न जनपदों से आए अध्यक्षों, सचिवों और अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। अधिवेशन में पेंशनरों के सम्मान, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और पेंशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण को लेकर प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।

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