विशेष रिपोर्ट
अनुराग सिंह बिष्ट
राजधानी/ लखनऊ
*स्मार्ट प्रीपेड मीटर का संकट*
लखनऊ: UPPCL के डेटा में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश में 4.7 लाख शहरी उपभोक्ताओं के प्रीपेड अकाउंट नेगेटिव बैलेंस में चले गए हैं, लेकिन नेटवर्क और तकनीकी कारणों से सिर्फ 1.52 लाख के ही कनेक्शन रिमोट से काटे जा सके। इन 1.52 लाख पर 130.64 करोड़ रुपये बकाया है।
मध्यांचल MVVNL में हालत सबसे खराब है – 67,117 उपभोक्ताओं पर 44.76 करोड़ बकाया, जो सभी डिस्कॉम में सबसे ज्यादा है। MVVNL के पास कुल 17.9 लाख स्मार्ट मीटर हैं, पर सिर्फ 3.16 लाख लोगों ने ही UPPCL Smart App इंस्टॉल किया है।
PVVNL में 2.02 लाख नेगेटिव केस मिले, जिनमें 56,672 पर 30.93 करोड़ बकाया।
चीफ इंजीनियर विनोद आर्य के अनुसार लोग बकाया देखे बिना रिचार्ज करते हैं, पैसा पुराने बकाए में एडजस्ट हो जाता है और अकाउंट फिर नेगेटिव हो जाता है। UPPCL डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने अपील की है – अपने मासिक खपत के अनुसार बकाया क्लियर करें, वरना एक क्लिक पर बिजली कटेगी।
*और नया नियम – अगर रिचार्ज के 2 घंटे में बिजली बहाल नहीं हुई तो UPPCL को 50 रुपये प्रतिदिन मुआवजा देना होगा।*




