उत्तर प्रदेश/लखनऊ
यूपी/हेड
राजीव आनन्द
मानवाधिकार एवं विकास में लैंगिक समानता पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न।
बालिका लीडर्स के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न।
इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया की ओर से बुद्धेश्वर केंद्र, लखनऊ में “मानवाधिकार एवं विकास में लैंगिक समानता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ, इसमें संस्था के कार्यक्रम से जुड़ी 45 बालिका लीडर्स ने भाग लिया। प्रशिक्षण का संचालन प्रशिक्षक प्रवेश वर्मा ने किया।
पहले दिन परिचय सत्र के बाद प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। गीत, खेल, कहानियों, वीडियो और समूह गतिविधियों के माध्यम से लैंगिक समानता, सामाजिक भेदभाव, समानता एवं समता, अवसरों और सुविधाओं तथा वंचना और बाधाओं जैसे विषयों पर चर्चा की गई, “घर की मुर्गी दाल बराबर” विषय पर आधारित वीडियो के माध्यम से महिलाओं के घरेलू काम और उनके योगदान को कम महत्व देने वाली सोच पर विचार किया गया। सारस और लोमड़ी की कहानी के जरिए दूसरों की परिस्थितियों को समझने का संदेश दिया गया। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित POSH अधिनियम की जानकारी भी दी गई।
दूसरे दिन मानवाधिकार, बाल अधिकार, मासिक धर्म प्रबंधन और शिकायत दर्ज कराने के विभिन्न माध्यमों पर चर्चा हुई, प्रतिभागियों को महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग जैसी संस्थाओं की भूमिका के बारे में बताया गया। कहानी आधारित समूह गतिविधियों के माध्यम से बाल अधिकारों को समझने, सवालों के जवाब खोजने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिला। भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों और प्रस्तावना पर भी चर्चा की गई।
इनिशिएटिव फाउंडेशन इंडिया के निदेशक अमित मिश्रा ने बताया की संस्था का उद्देश्य किशोरियों को उनके अधिकारों और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे भेदभाव को पहचान सकें, अपनी बात रख सकें और अपने समुदाय में सकारात्मक बदलाव की पहल कर सकें।
समापन अवसर पर संस्था की बोर्ड सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी शुक्ला तथा टीम के सदस्य हेमा, रानी, अंचल, पुष्पा, श्रद्धा, वर्तिका, छाया और शांति सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में शालिनी शुक्ला ने प्रतिभागी बालिकाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए।




