इंदिरा नगर के रसूलपुर सादात में रातभर मिट्टी खनन का आरोप, आखिर कहां है, जिम्मेदार ?

उत्तर प्रदेश/लखनऊ।

यूपी/हेड

राजीव आनन्द 

इंदिरा नगर के रसूलपुर सादात में रातभर मिट्टी खनन का आरोप, आखिर कहां है, जिम्मेदार ?

इंदिरा नगर, रसूलपुर सादात के आसपास कथित अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आ रहा है,आरोप है, कि रात के अंधेरे में मिट्टी की खुदाई कर कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए दूसरी जगह बेचने के लिए पहुंचाई जाती है। इनके वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने और तेज रफ्तार से चलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इंदिरा नगर में ट्रैक्टर से जुड़ी हालिया घटना के बाद भी अगर ऐसी गतिविधियां जारी हैं, तो जिम्मेदार की निगरानी पर सवाल उठना लाजिमी है। आखिर रात के समय इन वाहनों की जांच क्यों नहीं होती? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है ?

स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं, कि रातभर मिट्टी की खुदाई और ढुलाई का काम चलता है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंच रही है? बिना नंबर प्लेट वाले वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो उनकी पहचान और कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है? तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।

रसूलपुर सादात गांव के आसपास *भीम* नाम के व्यक्ति पर कथित तौर पर अवैध मिट्टी खनन करवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

अब सवाल यह है, कि पुलिस, खनन विभाग और प्रशासन इस मामले में कब जांच करेंगे? जरूरत है, कि रात में अभियान चलाकर खनन की अनुमति, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के दस्तावेज और मिट्टी के परिवहन की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके,क्षेत्र के लोगों को भी प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

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Date : 16 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
इंदिरा नगर के रसूलपुर सादात में रातभर मिट्टी खनन का आरोप, आखिर कहां है, जिम्मेदार ?
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राजीव आनन्द 

इंदिरा नगर के रसूलपुर सादात में रातभर मिट्टी खनन का आरोप, आखिर कहां है, जिम्मेदार ?

इंदिरा नगर, रसूलपुर सादात के आसपास कथित अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आ रहा है,आरोप है, कि रात के अंधेरे में मिट्टी की खुदाई कर कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए दूसरी जगह बेचने के लिए पहुंचाई जाती है। इनके वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने और तेज रफ्तार से चलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इंदिरा नगर में ट्रैक्टर से जुड़ी हालिया घटना के बाद भी अगर ऐसी गतिविधियां जारी हैं, तो जिम्मेदार की निगरानी पर सवाल उठना लाजिमी है। आखिर रात के समय इन वाहनों की जांच क्यों नहीं होती? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है ?

स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं, कि रातभर मिट्टी की खुदाई और ढुलाई का काम चलता है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंच रही है? बिना नंबर प्लेट वाले वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो उनकी पहचान और कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है? तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।

रसूलपुर सादात गांव के आसपास *भीम* नाम के व्यक्ति पर कथित तौर पर अवैध मिट्टी खनन करवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

अब सवाल यह है, कि पुलिस, खनन विभाग और प्रशासन इस मामले में कब जांच करेंगे? जरूरत है, कि रात में अभियान चलाकर खनन की अनुमति, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के दस्तावेज और मिट्टी के परिवहन की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके,क्षेत्र के लोगों को भी प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

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