निघासन में गरजे किसान-मजदूर पत्रकारों के सम्मान से किसानों के अधिकारों तक बुलंद हुई आवाज

वरिष्ठ संवाददाता

अशोक सिंह नेगी

उत्तर प्रदेश/ लखीमपुर खीरी

* निघासन में गरजे किसान-मजदूर पत्रकारों के सम्मान से किसानों के अधिकारों तक बुलंद हुई आवाज*

*बाढ़ मुआवजे से ₹600 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य तक की मांग पचपेड़ी घाट पर पक्के पुल और पोस्टमार्टम हाउस को चालू कराने पर जोर सियाराम हीरो एजेंसी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की उठी आवाज*

 

निघासन-खीरी जब किसान की फसल बाढ़ में बर्बाद हो मजदूर के हक की लड़ाई अधूरी हो और पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा पर सवाल उठें तब खामोशी नहीं बुलंद आवाज जरूरी हो जाती है इन्हीं जनसमस्याओं को लेकर शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) के नेतृत्व में निघासन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों मजदूरों और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के आदेशानुसार आयोजित कार्यक्रम में संगठन ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन के नाम जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी एवं संबंधित अधिकारियों को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
बाढ़ मुआवजे से गन्ने के उचित मूल्य तक उठी हुंकार संगठन ने शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों का निष्पक्ष पुन सर्वेक्षण कराकर पात्र किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा देने गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने तथा बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग उठाई। इसके अलावा पचपेड़ी घाट पर शारदा नदी के ऊपर पक्के पुल का निर्माण शुरू कराने निघासन के तैयार पोस्टमार्टम हाउस में आवश्यक स्टाफ तैनात कर उसे चालू कराने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र गरीबों को लाभ दिलाने और जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने पर जोर दिया गया सियाराम हीरो एजेंसी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग थाना पढ़ुआ से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 0502/2026 का उल्लेख करते हुए सियाराम हीरो एजेंसी ढखेरवा प्रकरण में लगाए गए लूट और जानलेवा हमले के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने सीसीटीवी डीवीआर सुरक्षित कर सील कराने फुटेज की एफएसएल जांच कराने और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई ये आरोप संगठन की ओर से उठाए गए हैं मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगी आवारा गोवंश से फसलों को नुकसान पर जताई चिंता
संगठन ने आवारा गोवंश से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाते हुए गौशालाओं का भौतिक सत्यापन पशुओं के संरक्षण की समुचित व्यवस्था फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा और किसानों को तारबंदी योजना का लाभ प्राथमिकता से देने की मांग की। संगठन ने क्षेत्र में 10 हजार से अधिक आवारा गोवंश होने का दावा भी किया पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा पर संगठन का स्पष्ट संदेश
धरना-प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के अधिकारों सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया मंडल अध्यक्ष एडवोकेट युगल किशोर उपाध्यक्ष रमाकांत दीक्षित प्रदेश संगठन मंत्री नंदकिशोर आर्य लोकेंद्र कुमार मौर्य एमडी शाहिद मंसूरी ने कहा कि किसी पत्रकार साथी के साथ अन्याय या उसके अधिकारों का हनन होने पर संगठन कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगा उन्होंने कहा कि एक पत्रकार की समस्या पूरे संगठन की समस्या है और उसकी आवाज पूरे संगठन की आवाज है इस दौरान लोकेंद्र कुमार मौर्य अनीश अली रजनीश कुमार और अनिल कुमार ने भी पत्रकार हितों तथा संगठन की मजबूती पर अपने विचार रखे कार्यक्रम में नंदकिशोर आर्या को संगठन की जिम्मेदारी सौंपने की बात भी सामने आई प्रशासन से दो टूक—मांगपत्र नहीं धरातल पर समाधान चाहिए धरना-प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष रामाकांत दीक्षित, प्रदेश संगठन मंत्री नंदकिशोर आर्या, जिला अध्यक्ष अमर सिंह तोमर, मंडल अध्यक्ष एडवोकेट युगल किशोर, शिवपूजन राज, रमेश भारती, नीतीश कुमार, वाशिम खान, लोकेंद्र कुमार मौर्य, एमडी शाहिद मंसूरी, रामगोपाल राज, चेतराम यादव, रजनीश तिवारी, शाश्वत, शुकलविंदर, शिवकुमार, केदारी लाल और जसवंत वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान-मजदूर मौजूद रहे।
संगठन का संदेश साफ है—कलम का सम्मान, किसान का अधिकार और मजदूर का स्वाभिमान, यही संघर्ष की पहचान है। संगठन ने प्रशासन से मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर आम जनता को राहत देने की अपील की साथ ही स्पष्ट किया कि जनहित न्याय और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाई जाती रहेगी!

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Date : 12 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
निघासन में गरजे किसान-मजदूर पत्रकारों के सम्मान से किसानों के अधिकारों तक बुलंद हुई आवाज
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वरिष्ठ संवाददाता

अशोक सिंह नेगी

उत्तर प्रदेश/ लखीमपुर खीरी

* निघासन में गरजे किसान-मजदूर पत्रकारों के सम्मान से किसानों के अधिकारों तक बुलंद हुई आवाज*

*बाढ़ मुआवजे से ₹600 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य तक की मांग पचपेड़ी घाट पर पक्के पुल और पोस्टमार्टम हाउस को चालू कराने पर जोर सियाराम हीरो एजेंसी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की उठी आवाज*

 

निघासन-खीरी जब किसान की फसल बाढ़ में बर्बाद हो मजदूर के हक की लड़ाई अधूरी हो और पत्रकारों के सम्मान व सुरक्षा पर सवाल उठें तब खामोशी नहीं बुलंद आवाज जरूरी हो जाती है इन्हीं जनसमस्याओं को लेकर शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) के नेतृत्व में निघासन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों मजदूरों और पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के आदेशानुसार आयोजित कार्यक्रम में संगठन ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन के नाम जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी एवं संबंधित अधिकारियों को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
बाढ़ मुआवजे से गन्ने के उचित मूल्य तक उठी हुंकार संगठन ने शारदा नदी की बाढ़ से प्रभावित किसानों का निष्पक्ष पुन सर्वेक्षण कराकर पात्र किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा देने गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल घोषित करने तथा बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग उठाई। इसके अलावा पचपेड़ी घाट पर शारदा नदी के ऊपर पक्के पुल का निर्माण शुरू कराने निघासन के तैयार पोस्टमार्टम हाउस में आवश्यक स्टाफ तैनात कर उसे चालू कराने प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र गरीबों को लाभ दिलाने और जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने पर जोर दिया गया सियाराम हीरो एजेंसी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग थाना पढ़ुआ से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 0502/2026 का उल्लेख करते हुए सियाराम हीरो एजेंसी ढखेरवा प्रकरण में लगाए गए लूट और जानलेवा हमले के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने सीसीटीवी डीवीआर सुरक्षित कर सील कराने फुटेज की एफएसएल जांच कराने और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई ये आरोप संगठन की ओर से उठाए गए हैं मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगी आवारा गोवंश से फसलों को नुकसान पर जताई चिंता
संगठन ने आवारा गोवंश से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाते हुए गौशालाओं का भौतिक सत्यापन पशुओं के संरक्षण की समुचित व्यवस्था फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा और किसानों को तारबंदी योजना का लाभ प्राथमिकता से देने की मांग की। संगठन ने क्षेत्र में 10 हजार से अधिक आवारा गोवंश होने का दावा भी किया पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा पर संगठन का स्पष्ट संदेश
धरना-प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के अधिकारों सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया मंडल अध्यक्ष एडवोकेट युगल किशोर उपाध्यक्ष रमाकांत दीक्षित प्रदेश संगठन मंत्री नंदकिशोर आर्य लोकेंद्र कुमार मौर्य एमडी शाहिद मंसूरी ने कहा कि किसी पत्रकार साथी के साथ अन्याय या उसके अधिकारों का हनन होने पर संगठन कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगा उन्होंने कहा कि एक पत्रकार की समस्या पूरे संगठन की समस्या है और उसकी आवाज पूरे संगठन की आवाज है इस दौरान लोकेंद्र कुमार मौर्य अनीश अली रजनीश कुमार और अनिल कुमार ने भी पत्रकार हितों तथा संगठन की मजबूती पर अपने विचार रखे कार्यक्रम में नंदकिशोर आर्या को संगठन की जिम्मेदारी सौंपने की बात भी सामने आई प्रशासन से दो टूक—मांगपत्र नहीं धरातल पर समाधान चाहिए धरना-प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष रामाकांत दीक्षित, प्रदेश संगठन मंत्री नंदकिशोर आर्या, जिला अध्यक्ष अमर सिंह तोमर, मंडल अध्यक्ष एडवोकेट युगल किशोर, शिवपूजन राज, रमेश भारती, नीतीश कुमार, वाशिम खान, लोकेंद्र कुमार मौर्य, एमडी शाहिद मंसूरी, रामगोपाल राज, चेतराम यादव, रजनीश तिवारी, शाश्वत, शुकलविंदर, शिवकुमार, केदारी लाल और जसवंत वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान-मजदूर मौजूद रहे।
संगठन का संदेश साफ है—कलम का सम्मान, किसान का अधिकार और मजदूर का स्वाभिमान, यही संघर्ष की पहचान है। संगठन ने प्रशासन से मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर आम जनता को राहत देने की अपील की साथ ही स्पष्ट किया कि जनहित न्याय और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाई जाती रहेगी!

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