वरिष्ठ संवाददाता
दिलीप सिंह रावत
उत्तर प्रदेश/ अंबेडकर नगर
*आशाओं का पांच हजार मानदेय निश्चित किया जाए :विमला*
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*लखनऊ/अंबेडकर नगर*।आशा ग्रामीण आशा शहरी संघ की जिलाध्यक्ष विमला नें जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन की माध्यम से उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश की समस्त ग्रामीण आशा शहरी आशा एवं आशा मिनी कार्यक वर्षों से निरंतर निष्ठापूर्वक स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी भूमिका निभा रही हैं। दिनाक, तरी प्रमुख सचिव एवं GM मैम के साथ हुई बैठक में यह बताया गया कि केवल ₹2000 की बढ़ोतरी की जाएगी, जिसमें ₹1000 राज्य सरकार देगी और ₹1000 प्रोत्साहन राशि के रूप में जुड़ेगा। विभाग द्वारा लिया गया यह निर्णय अत्यंत अनुचित प निराशाजनक है।
हम 21 वर्षों से निरंतर सेवा दे रही समस्त ग्रामीण आशा, शहरी आशा एवं आशा सनिनी बहनों के साथ विमान का यह निर्णय एवं सौतेला व्यवहार पूरी तरह से अनुचित है।
हमारी स्पष्ट माँग है कि राज्य बजट से पहले से दिए जा रहे ₹2500 में ₹3500 जोड़कर इसे कुल ₹5000 (एकमुश्त) का निश्चित मानदेय बनाया जाए। हमे यह राशि किसी प्रोत्साहन राशि के रूप में न देकर एकमुश्त मानदेय के रूप में दी जाए। हम आपसे यह वादा करते हैं कि विभाग द्वारा जो भी कार्य हमें लॉग जाएगा, उसे हम पूर्व की भांति पूरी निष्ठा एवं सम्मान के साथ करते रहेंगे।
एक तरफ जहाँ नवरात्रि के पावन पर्व पर नारी सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश दिया जाता है तथा माँ शक्ति की उपासना की जाती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर दिन-रात सेवा देने वाली स्वास्थ्य प्रदाता महिलाओं की उपेक्षा की जा रही है।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर भी अपनी उपेक्षा से व्यथित होकर और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए हमने यह निर्णय लिया है कि हम दिनांक 11 तारीख से ही अपने-अपने घरों पर रहकर दस्तक अभियान सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी शासकीय कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगी। इस दौरान केवल आपातकालीन (इमर्जेंसी) सेवाएँ ही जारी रहेंगी। हमारा आपसे विशेष एवं विनम्र अनुरोध है कि हमारी वार्ता सीधे मुख्यमंत्री से कराई जाए, ताकि हम अपनी वास्तविक समस्याओं एवं पीड़ा को उनके समक्ष स्पष्ट एवं सहज रूप से रख सकें। यदि शासन दवारा हमारी न्यायसंगत माँगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो हम सब कार्य बहिष्कार करते हुए लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगी।




