लखनऊ।
यूपी हेड
राजीव आनन्द
आदिवासी युवती आकांशा टोप्पो को रिहा करो।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) रेड स्टार के राज्य सचिव कॉमरेड सौरा ने सोशल मीडिया इंफ्लूएसर्स आकांशा टोप्पो की गिरफ्तारी को मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए आदिवासी युवती आकांशा टोप्पो को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए आगे कहा कि अंबिकापुर सरगुजा क्षेत्र में आदिवासियों की जल जंगल जमीन एवं आदिवासियों पर हो रहे, निर्मम अत्याचारो को अपने यू ट्यूब पर दिखने की हिम्मत करती थी।बी जे पी के भ्रष्टाचारी राजनेता,शराब माफिया,शिक्षा माफिया,सड़क माफिया,गुण्डे बदमाश, हत्यारे,बलात्कारी एवं सरकारी दलालो के खिलाफ मुखर होकर हिम्मत के साथ खुलकर आकांक्षा टोप्पो बोलती थी।
मुख्यमंत्री एवं उनके मंत्री,अधिकारियों से सवाल करती थी,सच्चाई को जनता के सामने लाने का हमेशा उनका प्रयास था,उन्होने हल ही में पुलिस में उन्हेंने कुछ असामाजिक तत्वों के खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज कराई थी, उनकी जान को भी खतरा है। उन असामाजिक तत्वों पर एफ आई आर होने के बाद भी थाने से मुचलके पर छोड़ दिया जाता है। ,जबकि उन बदमाशो पर गुंडागर्दी,जान से मारने की धमकी एवं एट्रोसिटी का केस लगा है ।
जमीन माफिया, दलाल राजनेता,बी जे पी के गुंडा तत्वों का आरोप है, कि आकांशा टोप्पो बहुत गाली देती है,बोलने की शैली ठीक नहीं है,यह तो कोई बात नही हुई कि उल्टा चोर कोतवाल को डाटे।
आकांक्षा टोप्पो आदिवासियों की उम्मीद की नई किरण है।भारत का संविधान हमे यह अधिकार देता है, कि सरकार की भ्रष्टतंत्र और लचर-पचर व्यवस्था पर खुलकर बोलने की।मोदी सरकार इसलिए आज देश के संविधान को खत्म करके गुलाम बनाने वाली मनुस्मृति को लागू करने पर तुला है।
आदिवासियों के मुद्दे के साथ जल जंगल जमीन का विषय,जाति प्रमाण पत्र के सहारे अनुसूचित जनजाति आरक्षित क्षेत्र से चुने हुए जनप्रतिनिधि जब मूकदर्शक बनकर अपने वर्ग के साथ गद्दारी है,ऐसे लोगों को उन्होंने कड़ी फटकार लगाने की हिम्मत की है।
बी जे पी सरकार के छुटभैय्या नेताओ ने बड़ी साजिश के साथ आकांक्षा टोप्पो को सुनियोजित रूप से फर्जी धाराएं लगाकर जेल भेजा गया है। जबकि आकांक्षा ने खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार, बलात्कार करने की धमकी देते हुए गाली-गलौज करने के कारण भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है, पुलिस ने घटना के विडियो देखने के बाद एट्रोसिटी एक्ट के तहत धाराएं भी जोड़ी है ।
लेकिन आरोपी को पुलिस मुचलका पर जमानत दे देती हैं, और आकांक्षा टोप्पो को जेल भेज दिया जाता है, आकांशा टोप्पो के अधिवक्ता अमृत मरावी के अनुसार भाजपा नेता धीरज सिंह पर कई एफआईआर पहले से दर्ज है, फिर भी पुलिस ने भाजपा सरकार के दबाव एवं जाति के प्रभाव के चलते आरोपी को पुलिस थाना से छोड़ते हुए एट्रोसिटी एक्ट को प्रभावहीन बनाया गया है। आकांक्षा टोप्पो जो आदिवासी, पिछड़े वर्ग की आवाज बनकर जनहित में जन हितैषी मुद्दे उठाती रही है, इसलिए उन्हें पुलिस द्वारा जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है, कि इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक चैनल की पत्रकार सोमा देवांगन को भी सत्ताधारियों के रोष का शिकार बना कर जेल भेज दिया गया है।
आज की तारीख में चहेते कॉरपोरेट अडानी अंबानी के पाले हुए गोदी मीडिया या बड़े पत्रकार जो मानवता के शत्रु फासिस्ट संघ भाजपा के पैरों तले लोटते हैं, कि तुलना में स्वतंत्र महिला पुरुष पत्रकार और यू ट्यूब इंफ्लूएंसर लाख गुना बेहतर हैं,जिन्हें हमे सलाम करना चाहिए।जो जान जोखिम उठाकर ईमानदारी से आम जनता के मुद्दों को उठाते हैं और फासिस्ट संघ भाजपा के आंखों की किरकिरी बनते हैं।
आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए भी आदिवासी बेटी के साथ अन्याय पूर्ण राजकीय दमन राज्य सरकार पर बदनुमा दाग है जो कभी धुल नहीं पाएगी।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) रेड स्टार के राज्य सचिव कॉमरेड सौरा ने सोशल मीडिया इंफ्लूएसर्स आकांशा टोप्पो को तत्काल रिहा करने एवं बी जे पी के दलाल भू माफियाओ एवं असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार करने की मांग कि है।




