सहादतगंज में इंसानियत शर्मसार: श्वान को लाठी-डंडों से पीटा, हाथ-पैर बांधकर गली में घसीटा; पशु प्रेमियों के सामूहिक प्रयास से दर्ज हुई एफ.आई.आर.

रिपोर्ट

अनुराग सिंह

राजधानी/ लखनऊ

*सहादतगंज में इंसानियत शर्मसार: श्वान को लाठी-डंडों से पीटा, हाथ-पैर बांधकर गली में घसीटा; पशु प्रेमियों के सामूहिक प्रयास से दर्ज हुई एफ.आई.आर.*

लखनऊ :
सहादतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिकमंडी इलाके में 28 सितंबर को पशु क्रूरता का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया । आरोप है कि एक स्थानीय श्वान को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया और इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर पूरे गली-मोहल्ले में घसीटा गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे, लेकिन काफी देर तक श्वान की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया I घटना की जानकारी मिलने पर एक संवेदनशील परिवार ने घायल श्वान की हालत देखकर उसकी मदद के लिए पशु कल्याण सम्बंधित एन.जी.ओ. को जानकारी दी I सूचना मिलते ही एन.जी.ओ. ने मौके पर पहुंचकर घायल श्वान को रेस्क्यू कराया और उसकी मदद के लिए आवश्यक कदम उठाए । स्थानीय लोगों के अनुसार, सहादतगंज क्षेत्र में इससे पहले भी पशुओं के साथ क्रूरता के मामले सामने आते रहे हैं । ऐसे में ताजा घटना ने इलाके में पशुओं की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं ।

*पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर उठाई आवाज*
घटना के बाद पशु कल्याण संस्थाओ, पशु प्रेमियों, एवं समाज सेवको ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के लिए प्रयास शुरू किए । इस सामूहिक प्रयास में संघमित्रा फाउंडेशन ट्रस्ट की संस्थापक कंचन माला, फेयरी टेल्स मासूम फाउंडेशन की संस्थापक नेहा जैदी, वालंटियर अमर राजपूत, संचेतना फाउंडेशन की संस्थापक तपस्या शुक्ला, माधव गुप्ता, पत्रकार करू सक्सेना, वॉलिंटियर सुहानी, डॉ. विवेक, चांदना बनर्जी, आकाश, आकांक्षा, एडवोकेट सक्षम, मोहन, पूजा, अंकिता बाजपेई, शबाना, विनय, साहिल, लवलीना, निशा, अर्पित, साक्षी, ऋतिक, इशिका, रवि समेत अन्य लोगों ने सहयोग किया ।

*तमाशबीन बने लोगों पर भी उठे सवाल*
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह बताया जा रहा है कि कथित तौर पर श्वान के साथ मारपीट और उसे घसीटे जाने के दौरान आसपास मौजूद लोग देखते रहे । पशु प्रेमियों का कहना है कि किसी भी बेजुबान के साथ इस तरह की क्रूरता को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए । फिलहाल पशु अधिकारों से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयास के बाद 29 सितंबर को सहादतगंज पुलिस ने मामले मे शामिल दोषियों मे चिकमंडी निवासी उजमा, गुड्डू, निखत उर्फ़ निघत, रजिया और जसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वाशन दिया है। साथ ही पशु प्रेमियों द्वारा लोगों से अपील की गयी हैं कि यदि कहीं किसी पशु के साथ हिंसा या क्रूरता होती दिखाई दे तो तमाशबीन बनने के बजाय तत्काल संबंधित पुलिस अथवा पशु कल्याण संस्था को सूचना देकर उसकी मदद करें।
सहादतगंज की यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि बेजुबान जानवरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा—और कब तक उनके साथ होने वाली क्रूरता को लोग चुपचाप देखते रहेंगे?

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Date : 01 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
सहादतगंज में इंसानियत शर्मसार: श्वान को लाठी-डंडों से पीटा, हाथ-पैर बांधकर गली में घसीटा; पशु प्रेमियों के सामूहिक प्रयास से दर्ज हुई एफ.आई.आर.
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अनुराग सिंह

राजधानी/ लखनऊ

*सहादतगंज में इंसानियत शर्मसार: श्वान को लाठी-डंडों से पीटा, हाथ-पैर बांधकर गली में घसीटा; पशु प्रेमियों के सामूहिक प्रयास से दर्ज हुई एफ.आई.आर.*

लखनऊ :
सहादतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिकमंडी इलाके में 28 सितंबर को पशु क्रूरता का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया । आरोप है कि एक स्थानीय श्वान को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया और इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर पूरे गली-मोहल्ले में घसीटा गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे, लेकिन काफी देर तक श्वान की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया I घटना की जानकारी मिलने पर एक संवेदनशील परिवार ने घायल श्वान की हालत देखकर उसकी मदद के लिए पशु कल्याण सम्बंधित एन.जी.ओ. को जानकारी दी I सूचना मिलते ही एन.जी.ओ. ने मौके पर पहुंचकर घायल श्वान को रेस्क्यू कराया और उसकी मदद के लिए आवश्यक कदम उठाए । स्थानीय लोगों के अनुसार, सहादतगंज क्षेत्र में इससे पहले भी पशुओं के साथ क्रूरता के मामले सामने आते रहे हैं । ऐसे में ताजा घटना ने इलाके में पशुओं की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं ।

*पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर उठाई आवाज*
घटना के बाद पशु कल्याण संस्थाओ, पशु प्रेमियों, एवं समाज सेवको ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के लिए प्रयास शुरू किए । इस सामूहिक प्रयास में संघमित्रा फाउंडेशन ट्रस्ट की संस्थापक कंचन माला, फेयरी टेल्स मासूम फाउंडेशन की संस्थापक नेहा जैदी, वालंटियर अमर राजपूत, संचेतना फाउंडेशन की संस्थापक तपस्या शुक्ला, माधव गुप्ता, पत्रकार करू सक्सेना, वॉलिंटियर सुहानी, डॉ. विवेक, चांदना बनर्जी, आकाश, आकांक्षा, एडवोकेट सक्षम, मोहन, पूजा, अंकिता बाजपेई, शबाना, विनय, साहिल, लवलीना, निशा, अर्पित, साक्षी, ऋतिक, इशिका, रवि समेत अन्य लोगों ने सहयोग किया ।

*तमाशबीन बने लोगों पर भी उठे सवाल*
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह बताया जा रहा है कि कथित तौर पर श्वान के साथ मारपीट और उसे घसीटे जाने के दौरान आसपास मौजूद लोग देखते रहे । पशु प्रेमियों का कहना है कि किसी भी बेजुबान के साथ इस तरह की क्रूरता को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए । फिलहाल पशु अधिकारों से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयास के बाद 29 सितंबर को सहादतगंज पुलिस ने मामले मे शामिल दोषियों मे चिकमंडी निवासी उजमा, गुड्डू, निखत उर्फ़ निघत, रजिया और जसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्यवाही करने का आश्वाशन दिया है। साथ ही पशु प्रेमियों द्वारा लोगों से अपील की गयी हैं कि यदि कहीं किसी पशु के साथ हिंसा या क्रूरता होती दिखाई दे तो तमाशबीन बनने के बजाय तत्काल संबंधित पुलिस अथवा पशु कल्याण संस्था को सूचना देकर उसकी मदद करें।
सहादतगंज की यह घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि बेजुबान जानवरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा—और कब तक उनके साथ होने वाली क्रूरता को लोग चुपचाप देखते रहेंगे?

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