मोहान रोड से सलेमपुर पतौरा मार्ग पर मिट्टी भरे डंपरों की आवाजाही तेज, पीडब्ल्यूडी की सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका

वरिष्ठ क्राइम संवाददाता

दिलीप सिंह रावत

राजधानी/ लखनऊ

मोहान रोड से सलेमपुर पतौरा मार्ग पर मिट्टी भरे डंपरों की आवाजाही तेज, पीडब्ल्यूडी की सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका

भारी वाहनों के आवागमन से सड़क की हालत पर उठे सवाल, खनन माफिया पर कार्रवाई की मांग

लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहान रोड से सलेमपुर पतौरा जाने वाले मार्ग पर मिट्टी से भरे भारी डंपरों की आवाजाही लगातार बढ़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि भारी वाहनों के गुजरने से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की सड़क की स्थिति प्रभावित होने की आशंका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मिट्टी से भरे भारी डंपरों का आवागमन जारी रहा, तो सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है। इससे आम राहगीरों और क्षेत्रीय निवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब सवाल यह है कि मिट्टी से भरे डंपरों के संचालन और खनन संबंधी गतिविधियों की जांच कब होगी? क्या संबंधित विभाग सड़क को नुकसान पहुंचाने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा या फिर यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?

क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने, मिट्टी के परिवहन और खनन की वैधता की जांच करने तथा सड़क को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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Date : 30 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
मोहान रोड से सलेमपुर पतौरा मार्ग पर मिट्टी भरे डंपरों की आवाजाही तेज, पीडब्ल्यूडी की सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका
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मोहान रोड से सलेमपुर पतौरा मार्ग पर मिट्टी भरे डंपरों की आवाजाही तेज, पीडब्ल्यूडी की सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका

भारी वाहनों के आवागमन से सड़क की हालत पर उठे सवाल, खनन माफिया पर कार्रवाई की मांग

लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहान रोड से सलेमपुर पतौरा जाने वाले मार्ग पर मिट्टी से भरे भारी डंपरों की आवाजाही लगातार बढ़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि भारी वाहनों के गुजरने से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की सड़क की स्थिति प्रभावित होने की आशंका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मिट्टी से भरे भारी डंपरों का आवागमन जारी रहा, तो सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है। इससे आम राहगीरों और क्षेत्रीय निवासियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब सवाल यह है कि मिट्टी से भरे डंपरों के संचालन और खनन संबंधी गतिविधियों की जांच कब होगी? क्या संबंधित विभाग सड़क को नुकसान पहुंचाने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा या फिर यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?

क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने, मिट्टी के परिवहन और खनन की वैधता की जांच करने तथा सड़क को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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