विशेष रिपोर्ट
अनुराग सिंह बिष्ट
उत्तर प्रदेश/ वाराणसी
बरेका ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 50वां अमृत भारत (पुश-पुल) लोकोमोटिव बनाया
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने अपनी उत्कृष्ट उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50वें अमृत भारत (पुश-पुल) लोकोमोटिव का निर्माण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
अमृत भारत ट्रेनों के लिए निर्मित पुश-पुल लोकोमोटिव आधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं। ट्रेन के दोनों छोर पर लोकोमोटिव लगाए जाने से परिचालन में सुगमता आती है। अत्याधुनिक लोको कैब, सेमी-ऑटोमेटिक कपलर, क्रैशवर्दी डिजाइन और बेहतर ब्रेकिंग प्रणाली जैसी विशेषताएं इन्हें और अधिक आधुनिक बनाती हैं।
बरेका महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने कहा कि बरेका का प्रत्येक लोकोमोटिव भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक है। पुश-पुल लोकोमोटिव का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को सशक्त बनाता है।
लोकोमोटिव संख्या 45336 एवं 45337 को उत्तर पश्चिम रेलवे के भगत की कोठी, जोधपुर स्थित डीजल लोको शेड के लिए भेजा गया है।
*11,531 रेल इंजनों के निर्माण का गौरव*
बरेका स्थापना से अब तक कुल 11,531 रेल इंजनों का निर्माण कर चुका है, जिनमें 3,195 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और स्वदेशी उत्पादन में बरेका के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है!




