शिक्षकों की समस्याओं पर AAP शिक्षक प्रकोष्ठ का कड़ा रुख

वरिष्ठ संवाददाता

अशोक सिंह नेगी

राजधानी/ लखनऊ

*शिक्षकों की समस्याओं पर AAP शिक्षक प्रकोष्ठ का कड़ा रुख*
__________________________

👉*DIOS से की तत्काल कार्रवाई की मांग*

*लखनऊ।* आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश ने लखनऊ के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) से मुलाकात कर शिक्षकों की चार प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा ।

शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने मांग की कि NPS से OPS में आए पात्र शिक्षकों की धनराशि ब्याज सहित GPF में समायोजित की जाए, चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान की प्रक्रिया मानव संपदा पोर्टल से ऑनलाइन हो, रविवार की परीक्षा ड्यूटी में विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को राहत मिले तथा फॉर्म-16 और 26AS/AIS में TDS की विसंगतियां तत्काल दूर की जाएं।

महेंद्र सिंह बोले—शिक्षकों के अधिकारों में देरी बर्दाश्त नहीं, संबधित सहायक पटल की जवाबदेही तय हो। महेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों को अपने वैध सेवा लाभ प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें, उनकी पत्रावलियां लंबित रहें और आयकर संबंधी त्रुटियों के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़े, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

विभागीय समस्याओं का समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। शिक्षकों को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शिक्षक प्रकोष्ठ की चार प्रमुख मांगें

NPS की धनराशि ब्याज सहित GPF में समायोजित हो: OPS में शामिल किए गए पात्र शिक्षकों के NPS खाते में जमा कर्मचारी एवं नियोक्ता अंश का नियमानुसार ब्याज सहित GPF में समायोजन अथवा स्थानांतरण किया जाए। लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो।

चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान की प्रक्रिया ऑनलाइन हो:
मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए। लंबित पत्रावलियों के निस्तारण की समयसीमा तय हो, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

रविवार की परीक्षा ड्यूटी में राहत मिले: वृद्ध एवं बीमार माता-पिता की देखभाल करने वाले तथा गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रहे शिक्षकों को नियमानुसार राहत दी जाए। ड्यूटी यथासंभव मूल विद्यालय अथवा निवास के निकट लगाई जाए।

TDS की विसंगतियां तत्काल दूर हों: फॉर्म-16 और 26AS/AIS में TDS का मिलान कर त्रुटियों को नियमानुसार सुधारा जाए तथा TRACES पोर्टल पर सही विवरण अपडेट कराया जाए, जिससे शिक्षकों को अनावश्यक कर मांग और आयकर नोटिस से राहत मिले।

DIOS से मांग—लिखित निर्देश जारी हों, समयसीमा तय हो
महेंद्र सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की कि संबंधित पटल सहायकों को आवश्यक लिखित निर्देश जारी किए जाएं। सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनके निस्तारण की समयसीमा निर्धारित की जाए। जिला स्तर से बाहर के मामलों को सक्षम अधिकारियों के समक्ष तत्काल भेजा जाए और संबंधित शिक्षकों को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए।

महेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ शिक्षकों के सम्मान, सेवा अधिकारों और न्यायोचित मांगों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा। शिक्षकों की समस्याओं पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही के साथ समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

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Date : 14 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
शिक्षकों की समस्याओं पर AAP शिक्षक प्रकोष्ठ का कड़ा रुख
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वरिष्ठ संवाददाता

अशोक सिंह नेगी

राजधानी/ लखनऊ

*शिक्षकों की समस्याओं पर AAP शिक्षक प्रकोष्ठ का कड़ा रुख*
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👉*DIOS से की तत्काल कार्रवाई की मांग*

*लखनऊ।* आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश ने लखनऊ के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) से मुलाकात कर शिक्षकों की चार प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा ।

शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने मांग की कि NPS से OPS में आए पात्र शिक्षकों की धनराशि ब्याज सहित GPF में समायोजित की जाए, चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान की प्रक्रिया मानव संपदा पोर्टल से ऑनलाइन हो, रविवार की परीक्षा ड्यूटी में विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को राहत मिले तथा फॉर्म-16 और 26AS/AIS में TDS की विसंगतियां तत्काल दूर की जाएं।

महेंद्र सिंह बोले—शिक्षकों के अधिकारों में देरी बर्दाश्त नहीं, संबधित सहायक पटल की जवाबदेही तय हो। महेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों को अपने वैध सेवा लाभ प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें, उनकी पत्रावलियां लंबित रहें और आयकर संबंधी त्रुटियों के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़े, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

विभागीय समस्याओं का समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। शिक्षकों को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शिक्षक प्रकोष्ठ की चार प्रमुख मांगें

NPS की धनराशि ब्याज सहित GPF में समायोजित हो: OPS में शामिल किए गए पात्र शिक्षकों के NPS खाते में जमा कर्मचारी एवं नियोक्ता अंश का नियमानुसार ब्याज सहित GPF में समायोजन अथवा स्थानांतरण किया जाए। लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो।

चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान की प्रक्रिया ऑनलाइन हो:
मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए। लंबित पत्रावलियों के निस्तारण की समयसीमा तय हो, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

रविवार की परीक्षा ड्यूटी में राहत मिले: वृद्ध एवं बीमार माता-पिता की देखभाल करने वाले तथा गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रहे शिक्षकों को नियमानुसार राहत दी जाए। ड्यूटी यथासंभव मूल विद्यालय अथवा निवास के निकट लगाई जाए।

TDS की विसंगतियां तत्काल दूर हों: फॉर्म-16 और 26AS/AIS में TDS का मिलान कर त्रुटियों को नियमानुसार सुधारा जाए तथा TRACES पोर्टल पर सही विवरण अपडेट कराया जाए, जिससे शिक्षकों को अनावश्यक कर मांग और आयकर नोटिस से राहत मिले।

DIOS से मांग—लिखित निर्देश जारी हों, समयसीमा तय हो
महेंद्र सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की कि संबंधित पटल सहायकों को आवश्यक लिखित निर्देश जारी किए जाएं। सभी लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनके निस्तारण की समयसीमा निर्धारित की जाए। जिला स्तर से बाहर के मामलों को सक्षम अधिकारियों के समक्ष तत्काल भेजा जाए और संबंधित शिक्षकों को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराया जाए।

महेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ शिक्षकों के सम्मान, सेवा अधिकारों और न्यायोचित मांगों के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा। शिक्षकों की समस्याओं पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही के साथ समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

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