अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बेहतर प्रदर्शन और रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजिंग ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर बेहद संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि वह अमेरिका के साथ अपने संबंधों को स्थिर बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेगा।
चीन ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव उसका आंतरिक मामला है। इसके बावजूद वह दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को बनाए रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका का मध्यावधि चुनाव उसका घरेलू मामला है। उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के साथ बातचीत बढ़ाने, मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने और आपसी सहयोग का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार है।
वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है चीन
माओ निंग ने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच सम्मान, निष्पक्षता और पारस्परिक लाभ के आधार पर रचनात्मक संबंध विकसित करना चाहता है। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करना दोनों देशों के हित में है।
इस साल शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दो महत्वपूर्ण शिखर बैठकें हुईं। इन मुलाकातों का उद्देश्य अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक स्थिरता बनाए रखना और द्विपक्षीय संबंधों में तनाव कम करना था। बीजिंग ने इन बैठकों को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
शी जिनपिंग, ट्रंप और पुतिन की मुलाकात की भी चर्चा
चीन की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि वह अमेरिका और रूस के साथ बातचीत कर रहा है। इसका उद्देश्य 18 और 19 नवंबर को शेनझेन में होने वाले आगामी एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच संभावित त्रिपक्षीय बैठक का रास्ता तैयार करना है।
हालांकि, इस प्रस्तावित बैठक को लेकर अंतिम स्थिति और आधिकारिक पुष्टि पर नजर बनी हुई है।
अमेरिकी चुनाव के बाद बदल गई वाशिंगटन की राजनीतिक तस्वीर
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बढ़त ने देश की राजनीतिक परिस्थितियों को बदल दिया है। चुनावी नतीजों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल किया और कई महत्वपूर्ण गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की।
रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी को उसकी चुनावी सफलता के लिए बधाई दी। हालांकि, उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के लिए कई कारण भी गिनाए। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक नेताओं ने महंगाई के मुद्दे पर काम करने और ट्रंप प्रशासन की नीतियों की कड़ी जांच करने का वादा किया है।
चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी के सामने अब अपने नेतृत्व और चुनावी रणनीति की समीक्षा करने की चुनौती है। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस में अपनी बढ़ी हुई ताकत का इस्तेमाल करने की तैयारी में है।
ट्रंप ने हार के लिए किन वजहों को बताया जिम्मेदार?
डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह खुद चुनावी बैलेट पर होते तो पार्टी का नतीजा बेहतर हो सकता था। उन्होंने कम मतदान और कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवारों को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को भी हार की संभावित वजह बताया।
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में काफी मेहनत की थी, लेकिन इसका अपेक्षित चुनावी फायदा नहीं मिल सका। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के पास वीटो की संवैधानिक शक्ति है और डेमोक्रेट्स को कोई कानून पारित कराने के लिए व्हाइट हाउस के साथ बातचीत करनी होगी।
इन चुनावी नतीजों के बीच चीन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका की घरेलू राजनीति में बदलाव के बावजूद वह वाशिंगटन के साथ संवाद और सहयोग का रास्ता बनाए रखना चाहता है।




