परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का सफर भारतीय लोकतंत्र की विजयगाथा: केशव प्रसाद मौर्य।

उत्तर प्रदेश/लखनऊ 

यूपी/हेड 

राजीव आनन्द 

परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का सफर भारतीय लोकतंत्र की विजयगाथा: केशव प्रसाद मौर्य।

रामनाथ कोविंद की आत्मकथा संघर्ष, संस्कार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी मिसाल।

डबल इंजन सरकार में गरीबों, वंचितों और महिलाओं के सशक्तीकरण को मिल रही नई गति।

युवा शॉर्टकट नहीं, मेहनत और अनुशासन को बनाएं सफलता का मंत्र: केशव प्रसाद मौर्य।

लखनऊ, 14 अक्टूबर। लोक भवन में बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के पुस्तक का विमोचन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि श्री रामनाथ कोविंद का जीवन संघर्ष, सादगी, संस्कार और राष्ट्रसेवा की ऐसी मिसाल है, जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। कानपुर देहात के छोटे से गांव परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का उनका सफर भारतीय संविधान और लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।

मौर्य ने कहा कि श्री कोविंद ने अपनी आत्मकथा में संघर्ष से सफलता तक की यात्रा को जिस तरह प्रस्तुत किया है, वह साधारण परिवारों के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणादायी है, उनका जीवन बताता है कि सफलता का रास्ता कठिन परिश्रम, अनुशासन और धैर्य से होकर गुजरता है। राज्यसभा सदस्य, बिहार के राज्यपाल और देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने संवैधानिक मर्यादाओं, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। सार्वजनिक जीवन में ऊंचे पद पर पहुंचने के बाद भी विनम्रता बनाए रखना उनके व्यक्तित्व की बड़ी विशेषता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है,प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्ज्वला योजना और जनधन योजना जैसी पहल गरीबों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। वहीं, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचारों से प्रेरणा लेकर सरकार गरीबों, वंचितों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। लोकतंत्र की असली ताकत तभी है, जब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

मौर्य ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा युवाओं को शॉर्टकट के बजाय मेहनत और ईमानदारी के रास्ते पर चलने का संदेश देती है। जनसेवा किसी पद की मोहताज नहीं होती, बल्कि सेवा और समर्पण से ही व्यक्ति स्थायी सम्मान अर्जित करता है।

कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, श्रीमती सविता कोविंद, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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Date : 14 October 2026 Posted By : NEWS-DESK
परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का सफर भारतीय लोकतंत्र की विजयगाथा: केशव प्रसाद मौर्य।
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राजीव आनन्द 

परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का सफर भारतीय लोकतंत्र की विजयगाथा: केशव प्रसाद मौर्य।

रामनाथ कोविंद की आत्मकथा संघर्ष, संस्कार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी मिसाल।

डबल इंजन सरकार में गरीबों, वंचितों और महिलाओं के सशक्तीकरण को मिल रही नई गति।

युवा शॉर्टकट नहीं, मेहनत और अनुशासन को बनाएं सफलता का मंत्र: केशव प्रसाद मौर्य।

लखनऊ, 14 अक्टूबर। लोक भवन में बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के पुस्तक का विमोचन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि श्री रामनाथ कोविंद का जीवन संघर्ष, सादगी, संस्कार और राष्ट्रसेवा की ऐसी मिसाल है, जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। कानपुर देहात के छोटे से गांव परौंख से राष्ट्रपति भवन तक का उनका सफर भारतीय संविधान और लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।

मौर्य ने कहा कि श्री कोविंद ने अपनी आत्मकथा में संघर्ष से सफलता तक की यात्रा को जिस तरह प्रस्तुत किया है, वह साधारण परिवारों के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणादायी है, उनका जीवन बताता है कि सफलता का रास्ता कठिन परिश्रम, अनुशासन और धैर्य से होकर गुजरता है। राज्यसभा सदस्य, बिहार के राज्यपाल और देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने संवैधानिक मर्यादाओं, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। सार्वजनिक जीवन में ऊंचे पद पर पहुंचने के बाद भी विनम्रता बनाए रखना उनके व्यक्तित्व की बड़ी विशेषता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है,प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्ज्वला योजना और जनधन योजना जैसी पहल गरीबों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। वहीं, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचारों से प्रेरणा लेकर सरकार गरीबों, वंचितों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। लोकतंत्र की असली ताकत तभी है, जब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

मौर्य ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा युवाओं को शॉर्टकट के बजाय मेहनत और ईमानदारी के रास्ते पर चलने का संदेश देती है। जनसेवा किसी पद की मोहताज नहीं होती, बल्कि सेवा और समर्पण से ही व्यक्ति स्थायी सम्मान अर्जित करता है।

कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, श्रीमती सविता कोविंद, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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